Bedtime Stories In Hindi – भलाई का मीठा फल

0

Hello दोस्तो आप सभी को मेरा नमस्कार, मेरा नाम कविता है आज मैं आप लोगो को इस पोस्ट में Bedtime Stories In Hindiभलाई का मीठा फल, की कहानी बताने जा रही हु, दोस्तो यह एक मोरल स्टोरी है जो आपके जिंदगी को बदल भी सकता है ।

दोस्तो इस कहानी के अंत मे हमे कुछ सीखने को मिलता है, अब क्या सीखने को मिलते है इसके लिए आप सभी को शुरू से अंत तक बड़े ही ध्यान से पढ़ना पढ़ेगा, तो चलिए दोस्तो Bedtime Stories In Hindiभलाई का मीठा फल, कहानी की शुरुआत करते है और इस कहानी के माध्यम से कुछ सीखने का प्रयास करते है ।


Bedtime Stories In Hindi – भलाई का मीठा फल

बहुत पहले की बात है एक जंगल था उसी जंगल के नजदीक एक गांव था जिसका नाम सूरजपुर था, उस गांव में ज्यादातर गरीब लोग रहते थे, मेहनत मजदूरी करके अपना जीवन यापन करते थे और साथ ही सभी लोग मिलजुल कर रहते थे, जरूरत के समय एक दूसरे की मदद करते थे ।

उसी गांव में भोला नाम का एक लड़का रहता था, भोला बहुत ही गरीब था लेकिन साथ ही वह बहुत ईमानदार और मेहनती आदमी था, भोला अपनी माँ और छोटी बहन के साथ रहता था, बचपन मे ही भोला के पिताजी का देहांत हो गया था, अक्सर भोला की माँ बीमार रहती थी इसलिए सारी जिम्मेदारी भोला के ऊपर आ गया था ।

भोला के परिवार को दो वक्त का खाना भी बड़ी मुश्किल से मिलता था, दो वक्त का खाना खाने के लिए वह जंगल से लकड़ियां इकट्ठा करता था, भोला लकड़हारे का काम करता था, वह अपने परिवार के पालन पोषण के लिए बहुत मेहनत करता था ।

अपने परिवार का पेट पालने के लिए जंगल से सूखी हुई लकड़िया लाता था और उन्हें बाजार में बेच कर अपने लिए खाना खट्टा करता था, कई दिन भोला तो भूखा ही सो जाता था लेकिन अपने परिवार को खाना खिलाता था इसी तरह उसका जीवन चल रहा था |

एक दिन भोला जंगल से लकड़ी काट रहा था, फिर वह दोपहर के समय खाना खाने के लिए एक पेड़ के नीचे बैठकर खाने ही वाला था, उसी वक्त उसे एक बुजुर्ग दिखाई दिया जो बहुत भूखा और प्यासा था, बुजुर्ग भोला के पास आकर बोला

बुजुर्ग बोला – बेटा एक हफ्ते से कुछ नहीं खाया है कुछ खाने के लिए है तो दे दो भगवान आपको खुश रखेगा |

भोला ने सोचा – मेरे पास जो खाना है अगर मैं अपना खाना इस बुजुर्ग को दे देगूँ तो मेरे पास तो खाने के लिए कुछ नहीं बचेगा और मुझे जोरो से भूख भी लगी है लेकिन यह बुजुर्ग बाबा भी भूखा है और एक हफ्ते से कुछ नही खाया है, अब मैं अपना खाना इस बुजुर्ग को दे देता हूं ।

इसे भी पढ़े – Short Stories For Kids In Hindi | गणेश जी और छोटे भक्त

फिर भोला ने अपनी भूख की परवाह ना करते हुए अपना सारा खाना जो भी उसके पास था उस बुजुर्ग को दे दिया बुजुर्ग ने खाना खाया और भोला को आशीर्वाद दिया फिर भोला से बोला

बुजुर्ग बोला – बेटा तुम बहुत दयालु हो, तुमने आज मेरा भूख शांत किया इसलिए मैं तुम्हे आशीर्वाद देता हूं कि तुम्हारी समस्या जल्द ही समाप्त हो जाएगा और तुम्हे वो सब कुछ मिलेगा जो तुम चाहते हो ।

ऐसा कहकर बुजुर्ग वहां से चला गया और भोला भी अपना काम करके घर के लिए निकल पड़ा तभी रास्ते मे उसे एक चिराग दिखाई दिया और उसके ऊपर लिखा था कि फूंक मारो, अपनी इच्छा बोलो, आपकी सारी इच्छाएं पूरी हो जाएगी, फिर भोला उस चिराग को लेकर जंगल से अपने घर की तरफ चला गया तभी रास्ते मे भोला ने सोचा

भोला सोचा – यह चिराग मेरी इच्छा कैसे पूरी कर सकता है ? चलो एक बार कोशिश करके देखता हूं, सबसे पहले मैं कुछ खाने को मांगता हूं क्योंकि मुझे बहुत जोरो से भूख लगी है ।

भोला ने जैसे ही फूंक मारा और बोला कि मुझे खाना चाहिए, तुरंत ही भोला के सामने स्वादिष्ट खाना आ गया अब भोला बहुत खुश हुआ, उसके बाद भोला ने ऊनी माँ के इलाज के लिए धन मांगे और तुरंत ही उसके सामने धन आ गया ।

अब भोला धीरे-धीरे करके अपनी सारी इच्छाएं पूरी करने लगा, उसने चिराग में फूंक मारी और कहा मुझे बहुत सारा धन चाहिए ताकि मैं अपने गांव वालों की मदद कर सकू, उसके ऐसा कहते ही तुरंत बहुत सारा धन आ गया, अब भोला धीरे-धीरे बहुत अमीर हो गया और जरूरतमंदों की मदद करने लगा |

इस तरह भोला को दुसरो की भलाई करने का फल उसको मिला तो दोस्तो इस कहानी से हमे यह सीख मिलता है कि अगर आप भी किसी के साथ भलाई करोगे तो आपको भी उसका फल मिलेगा इसलिए हमें निःस्वार्थ दुसरो की मदद करनी चाहिए |


तो दोस्तो आपको यह Bedtime Stories In Hindi – भलाई का मीठा फल, की कहानी कैसी लगी हमे कमेंट करके जरूर बताएं और इस कहानी को अपने दोस्तो के साथ जरूर कीजिये |

यदि दोस्तों आपके पास Hindi में कोई article, Motivational Short Story in Hindi या अन्य Love Stories in Hindi है जो आप हमारे साथ शेयर करना चाहते है तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करे, हमारा id है [email protected], हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ Publish करेंगे, Thanks.

इसे भी पढ़े – True Ghost Stories | पुरातत्व सर्वेक्षक की कहानी

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here