Gandhi Jayanti Speech in Hindi

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Hello दोस्तों आप सभी का स्वागत हैं, आज मैं आप लोगो को इस पोस्ट में “Gandhi Jayanti Speech in Hindi” के बारे में बताने जा रहा हूँ, दोस्तों गाँधी जी एक महान इंसान थे, “महात्मा गाँधी” की जितनी भी प्रशंसा की जाए उतनी ही कम है क्योंकि इसने मानवता के विकास के लिए कई ऐसे कार्य किये हैं जिन्हें मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकता |

उनके मानवता के प्रति और भारत के आजादी के प्रति किए गये कार्य को कोई भूल नहीं सकता, बापू जी आज भी लोगो के दिल में जिन्दा हैं, भारत एक महान और तेजी से विकास होता हुआ देश हैं जिसका एक समृद्ध इतिहास है यहां कई महान और शक्तिशाली नेताओं ने जन्म लिया है |

जिन्होंने अपने विचार और काम से भारत के विकास में बहुत योगदान दिया हैं, उनमें से एक महत्वपूर्ण व्यक्ति थे हमारे आदरणीय महात्मा गांधी जी जिन्हें लोग “बापू” भी कहते हैं, वे ना केवल भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया भर में सम्मानित थे |

अपने पुरे जिन्दगी में उन्होंने कई महान कार्य कियेजिसे मैं शब्दों में उल्लेख नहीं कर सकता, गाँधी जी का कार्य आज भी हमारे जीवन को प्रभावित करते हैं, तो चलिए दोस्तों गाँधी जी के बारे में जानते हैं, Gandhi Jayanti Speech in Hindi, Gandhi Jayanti Speech, Speech on Gandhi Jayanti,


Gandhi Jayanti Speech in Hindi

बापू का जीवन परिचय

बापू का असली नाम “मोहनदास करमचंद गांधी” था, उनकी माताजी का नाम श्रीमती “पुतलीबाई” और पिताजी का नाम श्री “करमचंद गांधी” था, गांधी जी का जन्म “2 अक्टूबर 1869” को  गुजरात के पोरबंदर शहर में हुआ था |

बापू के जीवन का सफर

दोस्तों गाँधी जी लंदन से वकालत की पढ़ाई की, गाँधी जी ने लगभग 21 साल दक्षिण अफ्रीका में बिताएं जहां उनके राजनीतिक विचार और नैतिकता का विकास हुआ, यही से गांधी जी ने एक महान नेता के रूप में अपने जीवन की एक नई शुरुआत की |

दोस्तों यहा पर गाँधी जी को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा, जिनमे से सबसे प्रमुख हैं जातिगत भेदभाव, यहां उन्हें अपने रंग और जाति के कारण भेदभाव का सामना करना पड़ा, एक बार उन्हें रंग और जाति के कारण एक श्वेत ट्रेन कोच अधिकारी द्वारा ट्रेन कोच से बाहर कर दिया |

उसके बाद उन्होंने महसूस किया कि उन्हें अपने खुद के अधिकारों के लिए लड़ना चाहिए, इस अनुभव ने उनके मन में बहुत ही गहरा असर डाला और उसके बाद से उन्होंने दृढ़ निश्चय किया कि मानवता की विकास की लिए आगे बढ़ना हैं और फिर यही से उन्होंने अपना कार्य शुरू किया |

यही  से उन्होंने एक नई शुरुआत की और फिर अहिंसा और सत्याग्रह की शुरुआत की, उन्होंने बहुत मेहनत किया लेकिन कभी हार नहीं मानी और फिर “1914”  में गांधी जी और दक्षिण अफ्रीकी सरकार एक समझौते पर आए जहां भारतीय मांगों को स्वीकार किया गया |

फिर “1915” में वे भारत वापस आए और बाद में वे साबरमती के किनारे बस गए जहां उन्होंने सत्याग्रह आश्रम की स्थापना की, यहां उन्होंने समाज की बुरी प्रणालियों जैसे जातिवाद, छुआछूत, बाल विवाह और बुराइयों के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखा और उन्होंने स्वराज की ओर भी काम करना शुरु कर दिया, फिर उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिया काम किया |

साथ ही किसानों को उनके अधिकार देने में भी एक बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, वैसे तो गाँधी जी ने अपने जीवन में कई महत्वपूर्ण कार्य किये, उनके से कुछ कार्य हैं जैसे असहयोग आंदोलन “1920”,  दांडी मार्च “1930”(नमक सत्याग्रह) और “1942” में भारत छोड़ो आंदोलन |

अपने पूरे जीवन में उन्होंने अहिंसा का पालन किया और समाज में फैली बुराइयों और भारत देश को आजाद दिलाने के लिए प्रयास करते रहा फिर आखिरकार  “15 अगस्त 1947”  भारत को  आजादी मिली, भारत एक स्वतंत्र राष्ट्र बन गया |

अपने पूरे जीवन में उन्होंने सभी जाति के लोगों के बीच एकता लाने के लिए काम किया, फिर नाथूराम गोडसे ने कुछ कारणवश  “30 जनवरी 1948” को गांधी जी गोली मार दी |

उनके अंतिम शब्द थे थे “हे राम”, उनके सभी योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें राष्ट्रपिता घोषित किया  देश और मानवता के प्रति दिए गए उनके योगदान को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए हर साल “2 अक्टूबर” को महात्मा गांधी जयंती के रूप में मनाया जाता है |

इसके साथ ही दुनियाभर में यह दिन अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में भी मनाया जाता है भारत में स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी कार्यालयों में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता हैं, उनकी मृत्यु के उपरांत भी उनके विचार, उनकी आत्मकथा हमें प्रभावित करते हैं |


About Mahatma Gandhi in Hindi

  • 1876 को महात्मा गाँधी की कस्तूरबा से सगाई हुई |
  • 1883 को महात्मा गाँधी और कस्तूरबा गाँधी विवाह के बंधन में बंधे |
  • 1885 को महात्मा गाँधी के पिताजी की मृत्यु हुई |
  • 1893 को गाँधी जी अफ्रीका गये |
  • 1909 में गाँधी जी ने हिन्द-स्वराज नामक पुस्तक लिखी |
  • 1925 में गाँधी जी ने एक वर्ष के लिए राजनैतिक मौन लेने का निर्णय लिया |
  • 1931 को प्रसिद्ध गाँधी-इरविन संपन्न हुआ |
  • 1940 को गाँधी जी ने व्यक्तिगत सत्याग्रह की घोषणा की |
  • 1944 को कस्तूरबा गाँधी की मृत्यु हुई |
  • 1948 को गाँधी जी मृत्यु हुई |

Gandhi Jayanti quotes in hindi for Students

  • छात्र भविष्य की आशा हैं | ~ महात्मा गाँधी 
  • छात्र में विनय होना चाहिए, उसके बिना वह कुछ सीख नहीं सकता, शिक्षक तथा बड़ो के प्रति गुरु भाव, आदर भाव   रखना उसका कर्तव्य हैं | ~ महात्मा गाँधी 
  • छात्र अपने अंदर सेवा भाव विकसित करें | ~ महात्मा गाँधी 
  • छात्र किसी ना किसी महान व्यक्ति को अपना आदर्श बनाये | ~ महात्मा गाँधी 
  • छात्र को तो आलस्य छू ही नहीं जाना चाहिए | ~ महात्मा गाँधी 
  • छात्र जो कुछ पढ़ें या सीखें, उसका सार गांववालों को समझाना अपना कर्तव्य समझें | ~ महात्मा गाँधी 
  • छात्र कोई काम लुक-छुपकर न करें | ~ महात्मा गाँधी 
  • जिस नई बात या ज्ञान का पता छत्रों को चले, उसे अपनी मातृभाषा में लिख ले और भविष्य में यथासमय और यथावसर उसका उपयोग करें | ~ महात्मा गाँधी 
  • छात्र अपने किसी भी पड़ोसी की निःसंकोच सेवा करने के लिए तैयार रहें | ~ महात्मा गाँधी 
  • छात्र भोग-विलास में पड़े कि उसका जीवन समाप्त हुआ | ~ महात्मा गाँधी 
  • मौज-मेले से पैसे बहाते हुए छात्र अपने माँ-बाप का भी नुकसान करते हैं और अपना भी | ~ महात्मा गाँधी 
  • छात्र जीवन में पान, सिगरेट या शराब की आदत डालना आत्मघात के समान हैं | ~ महात्मा गाँधी 
  • छात्र बड़ो के आदेश से ही कोई काम करें, नहीं तो अनुभवहीनता के कारण हानि उठायेंगे | ~ महात्मा गाँधी 
  • अपने पड़ोसियों के दुःख-दर्द में छात्र पहले शामिल हो | ~ महात्मा गाँधी 
  • छात्रों के लिए नियमितता सीखने की चीज हैं, यह स्वभावगत नहीं, अभ्यास साध्य हैं, इसके द्वारा मनुष्य बड़े-बड़े कार्य   संपन्न कर सकता हैं | ~ महात्मा गाँधी 
  • यदि कोई मनुष्य अपना कार्य नियमित रूप से नहीं करता तो use सफलता कदापि नहीं मिल सकती | ~ महात्मा गाँधी 
  • नियमितता सफलता की जननी हैं, इसके बिना जिन्दगी अस्त-व्यस्त हो जाती हैं | ~ महात्मा गाँधी 
  • देशभक्ति मनुष्य का पहला गुण हैं, इसके बिना संसार में सिर उठाकर नहीं चल सकता | ~ महात्मा गाँधी 
  • चरित्र की संपत्ति दुनिया की तमाम दौलतों से बढ़कर हैं, चरित्र की रक्षा किसी भी मूल्य पर होनी चाहिए |         ~ महात्मा गाँधी 
  • सच्छा मनुष्य वहीँ हैं जो अपनी गलती को मान ले और फिर use त्यागकर अपने आप में सुधार कर ले |          ~ महात्मा गाँधी 

तो दोस्तों आप लोगो को Gandhi Jayanti Speech in Hindi कैसी लगी हमे कमेंट करके जरुर बताये और साथ ही दोस्तों इस पोस्ट को अपने दोस्तों, सगे-संबंधियों के साथ भी शेयर करे ताकि वो लोग भी गाँधी जी से प्रेरणा ले सके और अपनी लाइफ में success पा सके |

दोस्तों जिन्दगी बार बार नहीं मिलती हैं इसलिए अपनी लाइफ को पुरे मजे के साथ और हंसी खुशी जियो, दुःख और सुख तो आते जाते रहते हैं, जो अपने दुःख को भुलाकर आगे बढ़ता हैं वही लोग जिन्दगी में आगे बढ़ता हैं इसलिए पॉजिटिव सोच के जियो |

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