Happy Diwali Wishes in Hindi | क्यों मनाया जाता है दिवाली का पर्व

0

दिवाली का पांचवा दिन है भाई दूज

bhai dooj images bhai dooj 2020
Bhai Dooj 2020

दिवाली का पांचवा दिन है भाई दूज का इस दिन का भी बहुत बड़ा महत्त्व है इस दिन को भी हिन्दू धर्म में बहुत धूमधाम से मनाया जाता है | ये दिन भाई और बहन के प्यार को दर्शाता है |

इससे जुडी कुछ पौराणिक कथाए है जिसे पढ़कर आप इसके पीछे के रह्श्य को समझ सकते है और जान सकते है आखिर क्यों मनाया जाता ये पवित्र भाई बहन का दिन |

भाई दूज से जुड़ी पौराणिक कथा

पुराणों के अनुसार इस दिन मृत्यु के देवता यमराज जी अपनी बहन यमुना के घर उनसे मिलने गये और यमुना ने भी अपने बड़े भैया यमराज को देखकर बहुत खुश हुए और अपने भैया का बहुत आदर सत्कार किये |

यमराज जी को अपनी बहन का आदर सत्कार से बहुत प्रसन्न हुए और यमराज जी ने उन्हें वरदान दिया इस दिन जो भी भाई अपनी बहन के घर जायेगा उसे कालचक्र से मुक्ति मिलेगी और उसे मोक्ष की प्राप्ति होगी |

तबसे लेकर आज तक इस दिन को भाई दूज के रूप में मनाया जाता है | इस दिन बहने अपने भाई की सुरक्षा की कामना करते है और यमराज जी की उनपर असीम कृपा बनी रहती है |

जानिये क्यों खास है Diwali 2020

Diwali 2020 में बन रहा है बहुत ही बेजोड़ संयोग ऐसा ही संयोग अब से 499 साल पहले बना था या कहे की यही ऐसा ही संयोग सन 1521 में बना था तो ये गलत नहीं होगा |

इस साल 14 नवम्बर को चतुर्दशी और अमावस्या दोनों साथ रहेगी और वही 15 नवम्बर को स्नान दान अमावस्या होगी |

Diwali 2020 में 14 नवम्बर को दिवाली का पर्व पुरे भारत में बड़े ही हर्ष उल्लास के साथ मनाया जायेगा | इस साल 14 नवम्बर का दिन शनिवार पड़ रहा है इसलिए तंत्र पूजा के लिए बहुत ही खास होने वाला है | इस वर्ष दीपावली के दिन पर गुरु ग्रह अपनी राशि धनु में और विद्यमान रहेंगे और वही शनि ग्रह अपनी राशि मकर में ही विराजमान रहेंगे |

Pariyon Ki Kahani in Hindi | जादुई जलपरी और राजू की शादी

आज से 499 साल पहले ऐसा ही संयोग देखने को मिला था अर्थात सन 1521 में गुरु शुक्र और शनि का ऐसा ही संयोग देखने को मिला था | सन 1521 में 9 नवम्बर को दिवाली मनाई गयी थी | गुरु और शनि ये ऐसे कारक ग्रह माने जाते है जो व्यक्ति की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए जाने जाते है इस साल Diwali 2020 में ये दोनों ग्रह अपनी राशि में होने से धन संबंधी मुश्किलों से मुक्ति मिलने के आसार बन रहे है |

Diwali 2020 में 14 नवम्बर को रहेगी चतुर्दशी और अमावश्या की तारीख

इस साल 14 नवंबर को चतुर्दशी दोपहर 1 बजकर 16 मिनट तक रहेगी उसके बाद से ही अमावश्या तिथि शुरू हो जाएगी | दीपावली के दिन लक्ष्मी जी की पूजा ज्यादातर संध्या काल में या रात्रि के समय की जाती है | 15 नवंबर  की सुबह 10 बजकर 16 मिनट तक अमावश्या रहेगी | इसलिए दीपावली 14 नवंबर को मानना ही उत्तम है 15 नवंबर को सिर्फ स्नान दान की अमावश्या मनाई जाएगी |

दीपावली पर लक्ष्मी जी की पूजा और श्रीयंत्र की पूजा करने की परम्परा

दीपावली के दिन माता लक्ष्मी के साथ श्री यंत्र की भी पूजा पाठ करने की परम्परा है | इस Diwali 2020 में गुरु धनु राशि पर रहेंगे ऐसी संयोग में श्रीयंत्र का पूरी रात कच्चे दूध से अभिषेक करना बहुत ही शुभ रहेगा |

इस Dipawali 2020 में शनि ग्रह अपनी राशि मकर में रहेंगे और इस साल आमवश्या शनिवार के दिन पड़ रहा है इस संयोग में दिवाली पर तंत्र यंत्र पूजा करने का भी शुभ संयोग रहेगा |

इस Diwali 2020 में करें ये शुभ कार्य

  • दिवाली पर यमराज, कुबेर, हनुमानजी, चित्रगुप्त, भैरव, कुलदेवता और अपने पितरों का पूजन जरुर करना चाहिए |
  • माता लक्ष्मी के साथ साथ श्री गणेशजी का भी पूजन करना शुभ रहता है |
  • पूजन से श्री सूक्त का पाठ करना चाहिये |
  • दिवाली में गोपाल सहस्त्रनाम और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ भी करना शुभ है |

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here