Hindi Stories For Kids With Moral | बन्दर और मगरमच्छ

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Hello दोस्तों मेरा नाम मुस्कान है, मैं आपको इस पोस्ट में Hindi Stories For Kids With Moral | बन्दर और मगरमच्छ, की कहानी बताने जा रही हु, यह कहानी आपके Mind को फ्रेश भी कर देगी, दोस्तों यह कहानी बहुत ही मजेदार है ,ऐसे भी जिंदगी जीना है तो मजे के साथ जियो |

यह कहानी आप लोगो को बहुत ही मजा देने वाली है, अब क्या मजा देने वाली है ये तो आप लोग इस कहानी को शरू से अंत तक बड़े ही ध्यान से पढ़ोगे तब पता चलेगा, दोस्तों यदि आपको इस कहानी का मजा लेना है तो इसको मजे के साथ पढ़ना पढ़ेगा तभी इस कहानी का मजे ले पाओगे |

तो चलिए दोस्तों इस मजेदार Hindi Stories For Kids With Moral | बन्दर और मगरमच्छ, कहानी की शुरुआत करते है और जीवन का मजा लेते है |


Hindi Stories For Kids With Moral | बन्दर और मगरमच्छ

बहुत पहले की बात है धरमपुर नामक एक गाँव था उसी गाँव के नजदीक एक नदी थी, वह नदी बहुत ही साफ़ सुथरी थी और आसपास का वातावरण भी बहुत अच्छा था, उस नदी के पास जाने से मन प्रसन्न हो जाता था, इस नदी के पास बहुत से जानवर रहते थे और सभी जानवर नदी का बहुत मजा लेते थे |

उसी नदी के पास एक जामुन का पेड़ था और उस पेड़ में शालू नाम का एक बंदर रहता था,  शालू बहुत ही बुद्धिमान बन्दर था शालू पेड़ के जामुन को खाता और आराम से रहता था और बहुत मजे भी करता था, बन्दर जामुन के पेड़ में इधर – उधर बहुत कूदते थे और थकने पर उसी पेड़ पर आराम करता था  |

और उसी नदी में पीटर नाम का एक मगरमच्छ रहता था वह अपने परिवार के साथ रहता था, उसके परिवार में उसकी बीवी और दो बच्चे रहते थे, पीटर और शालू दोनों अच्छे दोस्त थे और दोनों साथ में बहुत मस्ती करते थे | शालू, पीटर को रोज जामुन खिलाता था वह पेड़ से तोड़ता और मगरमच्छ को खिलाता |

फिर एक दिन शालू बंदर बोला

शालू बन्दर ने कहा  – रोज हम दोनों ही जामुन खाते है आज कुछ अपनी बीवी के लिए भी ले जाओ वो भी इस जामुन का मजा ले लेगी |
पीटर मगरमच्छ बोला – ठीक है मेरे दोस्त अगर तुम कहते हो तो मैं ले जाता हु |

फिर बन्दर ने जामुन तोडा और पीटर को दे दिया, पीटर जामुन को अपनी बीवी के लिए ले गये, पीटर ने जामुन को अपनी बीवी को दिये, वह जामुन खाने के बाद उसकी बीवी बोली

पीटर की बीवी बोली  – अरे वा ये तो बहुत मीठे, स्वादिष्ट और मजेदार भी है मजा आया गया मन प्रसन्न हो गया, ये जामुन कहा से लाये |
पीटर ने कहा  – मेरे दोस्त शालू बंदर और मैं रोज इसे खाते है आज मेरे दोस्त के कहने पर तुम्हारे लिए लाया हूँ |

पीटर की बीवी सोचीWOW ये जामुन तो बहुत मीठे है तो शालू बन्दर का जिगर भी बहुत मीठा होगा, उसके जिगर को खाने में मजा आ जायेगा,  ये सोचकर एक दिन पीटर की बीवी ने एक उपाय सोची और रोते हुए पीटर से कही

पीटर की बीवी बोली  – मैं बीमार हूँ, डॉक्टर ने कहा है की बंदर का जिगर खाना ही इस बिमारी का इलाज है, क्या आप  मेरे लिए शालू का जिगर लेके आओगे |
पीटर ने कहा – शालू मेरा प्रिय दोस्त है मैं उनके साथ धोखा नही कर सकता, मैं शालू बन्दर का जिगर नही ला सकता,

पीटर की बीवी रोते हुए बोली – आप मुझे प्यार नही करते इसलिए आप नही लाना चाहते |
पीटर ने कहा – ऐसी बात नही मैं तुमसे बहुत प्यार करता हु लेकिन शालू भी तो मेरा दोस्त है |

पीटर की बीवी ने कहा – आप खुद सोचिये ना यदि मैं ठीक रहूंगी तो हमारे दो प्यारे बच्चे भी ठीक रहेंगे, यदि मुझे कुछ हो गया तो हमारे बच्चो का क्या होगा, आप खुद ही ध्यान से सोचिये मै आपको और अपने बच्चो को बहुत प्यार करती हु |
पीटर कुछ देर सोचा और कहा – तुम ठीक कह रही हो, हमारे बच्चो के लिए तुम्हे ठीक रहना जरुरी है ठीक है मैं कुछ भी करके शालू का जिगर लाता हु |

ऐसा कहते ही पीटर शालू के पास चला गया |

पीटर ने कहा – दोस्त तुम रोज मुझे जामुन खिलाते हो इसलिए आज मैंने सोचा तुम्हे मेरे घर आज दावत पर आना होगा,
शालू बंदर ने कहा – मुझे तो तैरना ही नही आता, तो कैसे आऊ ? माफ़ करना दोस्त मै तुम्हारे घर दावत में ही आ सकता |

पीटर ने कहा – तुम्हे तैरना नही आता तो क्या हुआ दोस्त, मैं तुम्हे अपनी पीठ पर बैठाकर प्यार से ले जाऊँगा तुम्हे कुछ नही होगा |
शालू ने कहा – ठीक है दोस्त आता हु |

फिर बंदर मगरमच्छ की पीठ पर बैठकर चले गये, दोनों मस्तती करते हुए जा रहे थे तभी बीच रास्ते पर मगरमच्छ ने कहा

पीटर ने कहा – माफ़ करना मेरे दोस्त, मेरी बीवी बहुत बीमार है और डाक्टर ने कहा है की बन्दर का जिगर ही उसका इलाज है इसलिए मैं तुम्हे ले जा रहा हु, दोस्त मुझे गलत मत समझना |

शालू बन्दर बहुत ही चालाक और समझदार था, वह सोचने लगा अरे इसकी बीवी तो मुझे खा देगी मुझे कुछ सोचना पड़ेगा, फिर शालू ने कुछ सोचा और कहा

शालू बन्दर ने कहा  – दोस्त ये बात तुमने मुझे पहले क्यों नही बताई क्योकि मैंने अपना जिगर पेड़ पर रखा है ताकि वो गिला ना हो जाये, अब चलो वापस जिगर लाने के लिए
पीटर ने कहा – चलो दोस्त फिर वापस लौटते है और जिगर लाते है |

दोनों वापस जामुन के पेड़ के पास चले गए, जैसे ही जामुन के पेड़ के पहुचे शालू बन्दर तुरंत पेड़ पर चड़ गया और कहा

शालू बन्दर ने कहा – मैं नही जानता था की तुम इतने धोखेबाज हो दुबारा ऐसी गलती मत करना |

तो दोस्तों इस तरह शालू बन्दर अपनी जान बचाई, दोस्तों इस कहानी से हमे यह सीख मिलता है की कभी भी हमे मुसीबत के समय नही घबराना चाहिए, शांत दिमाग से सोचकर उसका सामना करना चाहिए |


तो दोस्तों यह Hindi Stories For Kids With Moral, कहानी आपको कैसी लगी हमे कमेन्ट करके जरुर बताये और दोस्तों हमे ये भी बताये की किस टॉपिक पर आप लोगो को Hindi Kahaniya चाहिये, जैसा की Inspirational Story, परियो की कहानी आदि, आपको जिस भी टॉपिक पर चाहिये हमे comment करके अवश्य बताये |

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