Incomplete Love Story In Hindi अधूरी प्रेम कहानी

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हेल्लो दोस्तों आज मैं आपको एक अधूरी प्रेम कहानी (Incomplete Love Story In Hindi) बताऊंगा कि कैसे एक लड़के ने अपने अधूरे प्यार में अपने सपने को खों दिया उन्होंने जो लक्ष्य बनाया था उसे भूल गया | आपको  ये कहानी बहुत दर्दीला लगेगा मैं इस कहानी से किसी की भावनाओ को ठेस नहीं पहुचना चाहता बस इस कहानी को एक मनोरंजन के तौर पर ले |

तो चलिये दोस्तों ज्यादा बकबक न करते हुए सीधे कहानी पे आते है (Incomplete Love Story In Hindi)

अधूरी प्रेम कहानी

दस साल पहले की बात है एक लड़का था जिसका नाम अरुण था वह अपने घर से दूर रहकर पढ़ाई करता था | वह पढ़ाई में होशियार था अक्सर एग्जाम में वह अच्छे अंक लाते थे | अरुण को अपने आप पर घमंड नही था वह एक सच्चा और दिलदार इंसान था |

अरुण का सपना था कि एक दिन मैं ऐसा काम करूँगा जिससे सभी लोग मुझे याद रखे मेरी खुद की एक अलग पहचान हो वह धन के साथ – साथ नाम भी कमाना चाहता था वह गरीब लोगों की मदद करना चाहता था |

एक दिन जब अरुण सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक चला रहा था तब उसे एक लड़की की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई जिसकी नाम प्रिया थी अरुण ने प्रिया की रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर ली फिर दोनों फेसबुक पर चैटिंग करने लगे पहले तो अरुण को लगा कि यह कोई लड़की नहीं बल्कि कोई लड़का है |

अरुण ने प्रिया से कहा मुझे शक हो रहा है कि तुम एक लड़का हो यदि सही में तुम एक लड़की हो तो मुझे तुम्हारी आवाज सुननी है मैं तुम्हे अपना नंबर दे रहा हु मुझे फोन करो मैं तुम्हारी आवाज सुनना चाहता हूं यह कहते ही लड़की कुछ देर बाद ऑफलाइन हो गई |

बहुत दिनों तक दोनों के बीच कोई बात नही हुई फिर एक दिन अचानक प्रिया ने अरुण को कॉल किया और कहा पहचाना मुझे अरुण ने जवाब दिया नही पहचानता हु कौन हो तुम प्रिया ने फिर से कहा मैं वही प्रिया हूं जिसे तुम फोन पर बात करना चाहते थे | लड़के ने लड़की को पहचाना और कहा अच्छा तुम वही लड़की हो मुझे माफ कर दो यार मैंने तुम्हें एक लड़का समझा |

प्रिया ने कहा कोई बात नहीं फेसबुक में ऐसा अक्सर होते रहता है अब तो तुम मुझे पहचान चुके हो अब हम दोनों बात कर सकते है न अरुण ने कहा जी बिल्कुल बात कर सकते है इस तरह दोनो के बीच दोस्ती की शुरुआत हुई |

फिर दोनो फेसबुक पर चैटिंग करने लगे ऐसे ही सालों तक दोनों के बीच बातें होती रही और बातो ही बातों में दोनों एक दूसरे से बहुत प्यार करने लगे अब दोनों के बीच पहले से ज्यादा बाते होने लगी थी जब तक वे दोनों बात नही करते थे तब तक उन दोनो को चैन नही आता था |

प्रिया सभी से बहुत अलग थी अपने घर वाले और अरुण के अलावा किसी से भी बात नहीं करती थी दोनों एक दूसरे से बहुत प्यार करने लगे थे | लेकिन कभी – कभी दोनों के बीच लड़ाई भी हो जाती थी प्रिया जब कोई गलती कर देती थी तो अरुण उसे डॉट देता था फिर प्रिया रोने लगती थी अरुण उसे मनाता था दोनो के बीच एक मजबूत रिश्ता बन गया था |

अरुण हमेशा प्रिया से कहता था अगर मेरी वजह से तुम्हें कभी भी तकलीफ हो और अगर मुझसे दूर रहकर तुम्हें खुशी मिलती हो तो फिर तुम मुझे छोड़ कर चली जाना लेकिन प्रिया हमेशा बोलती थी मुझे तुम्हारे साथ रहना है तुम्हें छोड़कर नहीं जाऊंगी अब कभी भी ऐसी बाते मत बोलना | ऐसे ही चलते हुए कई दिन, कई हफ्ते, कई महीने करके एक साल बीत गया |

जैसे – जैसे समय बीतता गया वैसे – वैसे प्रिया भी बदलने लगी वह दूसरे लड़को से बातें करने लगी अरुण से बातें छुपाने लगी और यहां तक कि अब झूठ भी बोलने लगी अरुण को यह सब बिल्कुल भी पसंद नहीं था |

अरुण बोलता रहता था कभी मुझसे झूठ मत बोलना क्योंकि जब कोई झूठ बोलता है तो धोखे जैसा लगता है इसलिए तुम कभी भी झूठ मत बोलना अगर तुम्हें कोई समस्या हो तो मुझे बता सकती हो अरुण प्रिया से बार – बार बोलता रहा कि प्लीज यार मुझसे झूठ कभी मत बोलना |

लेकिन प्रिया वक़्त के साथ बहुत बदल चुकी थी उसे इस बात से कुछ भी फर्क नहीं पड़ता था कि अरुण मेरे बारे में क्या सोचेगा प्रिया दूसरे लड़कों से बातें करने लगी थी |

अरुण को यह डर लगने लगा था कि कोई प्रिया को उससे दूर न कर दे | अरुण प्रिया से बहुत ज्यादा प्यार करता था वह प्रिया को खोना नहीं चाहता था अरुण लिए अब प्रिया अपनी जान से भी ज्यादा कीमती हो गई थी वह दिन रात प्रिया के बारे में सोचता रहता था |

फिर धीरे – धीरे प्रिया अरुण से कम बात करने लगी | प्रिया के घरवालों को इसके बारे में पता चल गया था प्रिया का फोन आना कम हो गया | अरुण उससे फोन पर भी बात नहीं कर सकता था क्योंकि प्रिया के पास कोई फोन नहीं था वह घर की फोन से अरुण से बातें किया करती थी |

अब अरुण सोच में पड़ गया था कि वह क्या करें अचानक प्रिया का भी फोन आना एकदम से बंद हो गया, दो महीने बीत गए अरुण बहुत चिंता कर रहा था इसलिए ना चाहते हुए भी उसने प्रिया को फोन किया |

प्रिया के पिताजी ने फोन उठाया अरुण डर गया लेकिन फिर भी हिम्मत दिखाते हुए अरुण ने बात की अरुण ने प्रिया के बारे में पूछा और उन दोनों के बारे में सारी बातें बताई और कहा आप हम दोनों की शादी करवा दीजिए मैं उसे बहुत खुश रखूंगा |

प्रिया के पिताजी ने पहले अरुण बहुत खरी खोटी सुनाई फिर कहा मैं प्रिया की शादी तुमसे कभी नहीं करवाऊंगा और आज के बाद यहां पर फोन मत करना समझे |

एक दिन प्रिया ने फोन किया और कहा तुम हमेशा मुझे खुश देखना चाहते हो ना और तुम कहते थे कि तुम मेरी खुशी के लिए कुछ भी करोगे अरुण ने कहा मैं तुम्हारी खुशी चाहता हूं लेकिन तुम यह क्यों पूछ रही हो ?

तो प्रिया ने कहा मुझे अब तुम्हारी जरूरत नहीं है मैं तुम्हारे साथ नहीं रहना चाहती इसलिए मेरी खुशी के लिए मुझे छोड़ दो प्लीज | अरुण ने कहा क्या हुआ तुम ऐसा क्यों बोल रही हो अगर मुझसे कोई गलती हुई है तो फिर मुझे माफ कर दो लेकिन मुझे छोड़कर मत जाओ मैं तुम्हारे बिना नहीं रह पाऊंगा मै तुम्हारे बिना कैसे जी पाऊंगा अरुण रोते हुए बार – बार उनसे विनती कर रहा था कि प्लीज़ मुझे छोड़कर मत जाओ |

प्रिया नहीं मानती है अरुण फिर बोलता है ठीक है तुम मुझे छोड़कर जाना चाहती हो तो जाओ लेकिन अपना ध्यान रखना और अनजान लोगों से बात मत करना लेकिन जाते – जाते मेरा एक काम कर दो मुझे फेसबुक से ब्लॉक कर देना क्योंकि जब भी मैं तुम्हें फेसबुक पर ऑनलाइन देखूंगा तो तुम्हारी बहुत याद आएगी अरुण ने प्रिया से फिर पूछा मुझे छोड़ने की कोई कारण तो बता कर जाओ |

प्रिया ने कहा मैंने कहा ना मुझे तुम्हारी कोई जरूरत नहीं है अगर तुम मुझे सच में प्यार करते हो तो मुझे छोड़ दो यह कहकर प्रिया ने फोन कट कर दिया प्रिया ने उसे फेसबुक से भी ब्लॉक कर दिया |

अरुण परेशान होकर रोने लगा अरुण ने अपनी पढ़ाई छोड़ दी और घर वापस आ गया अरुण बहुत बदल गया वो किसी से अच्छे से बात नहीं करता था कहीं घूमने नहीं जाता था धीरे – धीरे अरुण को खराब आदत लग गई वह नशा करने लग गया दिन भर यही सोचता था कि जो लड़की उससे इतना प्यार करती थी की दोनों के दूर जाने की सोंच से ही रोने लगती थी वह उसे छोड़कर कैसे चली गयी | अरुण प्रिया की याद में पल – पल मरता रहा लड़के ने जो सपने देखे थे वो सारे सपने भूल गए |

तो दोस्तों ये तो थी एक लड़के की अधूरी प्रेम कहानी (Incomplete Love Story In Hindi)

 

तो दोस्तो इस Incomplete Love Story In Hindi से हमे यह सीख मिलता है कि कभी भी किसी को जरूरत से ज्यादा मत चाहो क्योकि जब वह छोड़कर जाती है तब बहुत ही ज्यादा तकलीफ होती है कभी कभार ये तकलीफ इतनी खतरनाक होती है कि कई लोग limit cross भी पार कर लेते है |

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