Moral Stories For Children In Hindi | जीन और धनीराम

0

हेलो दोस्तो आज मैं आप लोगों को इस पोस्ट में Moral Stories For Children In Hindi | जीन और धनीराम, की कहानी बताने जा रहा हु जो बहुत ही जबरदस्त और मजेदार हैं, दोस्तो यह स्टोरी मजेदार के साथ – साथ मोरल भी हैं दोस्तो इस मजेदार और मोरल कहानी को बड़े ही ध्यान से पढ़िये तभी आप को मजा आएगा |

ज्यादातर ऐसी कहानी को ध्यान से पढ़ने में ही मजा आता है, यदि आपको मजा लेना हैं तो मजे और मन से पढ़े, तो चलिए दोस्तों इस Moral Stories For Children In Hindi | जीन और धनीराम, की कहानी शुरुआत करते हैं और इस कहानी का मजा लेते हैं और इस के द्वारा कुछ सीखने की भी कोशिश करते हैं |


Moral Stories For Children In Hindi | जीन और धनीराम

बहुत पहले की बात है चंदनपुर नाम का एक छोटा सा गांव था उसी गांव में धनीराम नाम का एक आदमी रहता था वह अपनी जिन्दगी से ख़ुश नही था क्योकिं उसके मन में बहुत इच्छाये थी, एक दिन वह सड़क के किनारे बैठ कर अपनी किस्मत को कोस रहा था और सोच रहा था कि उसकी ढेर सारी इच्छाएं कैसे पूरी हूं |

एक दिन वह खेत से काम खत्म करके अपने घर जा रहा था तभी उसे पेड़ के नीचे साधु महाराज दिखाई दिए

धनीराम बोला – स्वामी प्रणाम |

साधु महाराज बोला – आओ बच्चा क्या समस्या है तुम्हारी ?

धनीराम बोला – महाराज मेरी ढेर सारी इच्छाएं हैं पर एक भी पूरी नहीं हो पाती, महाराज मुझे तो कुछ ऐसा वरदान दीजिए कि बस चुटकी बजाऊं और मेरी सारी इच्छाएं पूरी हो जाए |

साधु महाराज बोला – क्या सच में तुम्हें लगता है कि तुम्हें कुछ ऐसा चाहिए ?

धनीराम बोला – जी महाराज |

साधु महाराज  बोला – ठीक है मेरे पास एक चिराग है मैं तुम्हें देता हूं पर ध्यान रखना अगर तुम्हारी कोई इच्छा ना रहे तो इसमें बैठा “जीन” तुम्हे खा जाएगा |

धनीराम बोला – महाराज आप चिंता ना कीजिए मेरी इच्छाये तो जीवन भर खत्म नहीं होंगी |

चिराग लेकर धनीराम वहां से निकल गया और कुछ दूर जाकर उसने चिराग रगड़ा फिर उस चिराग से एक बहुत बड़ा जीन निकला |

जीन हँसते हुए बोला – हा हा हा हा हा बताओ मेरे आका क्या इच्छा है तुम्हारी, नहीं तो मैं तुम्हें खा जाऊंगा हा हा हा हा हा हा हा |

धनीराम बोला – जाओ और जाकर मेरे लिए एक सुंदर सा राज महल बनाओ जिसमें मैं ठाठ से रह सकूं |

जीन बोला – अभी लो मेरे हजूर हा हा हा हा हा |

फिर जीन ने चुटकी बजाई और महल तैयार हो गया |

जीन बोला – लो सरकार और क्या इच्छाये है आपकी ?

धनीराम बोला – मुझे जोरों से भूख लगी है जाओ और मेरे लिए स्वादिष्ट भोजन का इंतजाम करो |

उसके ऐसा कहते ही जीन ने फिर चुटकी बजाई और धनीराम के सामने हर तरह का स्वादिष्ट भोजन सामने आ गया |

जीन बोला – लो सरकार और क्या इच्छाये हैं आपकी, जल्दी कहो मेरे मालिक और कुछ चाहिए |

धनीराम बोला – जरा सब्र करो जाओ और हमारे लिए हीरे जेवरात का बंदोबस्त करो |

जीन बोला – जैसी आपकी इच्छा, ये लीजिये सरकार |

धनीराम अपनी इच्छाएं बताता रहा और जीन चुटकी बजाता रहा, अभी कुछ वक्त गुजरा था कि धीरे-धीरे करके धनीराम की सारी इच्छाएं खत्म हो गई |

जीन बोला – बताओ क्या इच्छा है आपकी ? नहीं तो मैं आपको अभी खा जाउंगा हा हा हा हा हा हा |

धनीराम बोला – अब कोई इच्छा नही हैं बस धनीराम बाकी रह गया है और उसे भी तुम खाना चाहते हो |

जान बचाकर भागता हुआ धनीराम पहुंचा साधु के पास

धनीराम बोला – महाराज मुझे बचाइये वरना ये इच्छाये मेरी जान ले लेंगे आप सही कहते थे कि मुझे किसी वरदान की कोई जरूरत नही है |

साधु बोला – तुम इसे बड़े ही खुशी खुशी ले गए थे |

धनीराम बोला – नहीं नहीं महाराज इसे आप ही रखिए और मेरे प्राणों को संकट से मुक्त कीजिए ठीक है |

साधु बोला – ठीक है इस जीन को बोलो कि वहां बैठे कुत्ते की दुम सीधी करके दिखाएं जैसा |

साधु ने जैसा कहा धनीराम ने बिल्कुल वैसा ही किया अब जीन कुत्ते के पास गया और उसकी पूंछ को पकड़ कर सीधा कर दिया पर जैसे ही उसने पूंछ को छोड़ा वह फिर से टेढ़ी हो गई, जीन प्रयास करता रहा पर कुत्ते की दुम सीधी नहीं हुई

साधु बोला – देखो धनीराम जिस तरह कुत्ते की दुम कभी सीधी नहीं हो सकती उसी तरह हमारी इच्छाएं भी, अधिक इच्छा के कारण हमारा मन भी असंतुष्ट रहता हैं इसलिए संतुष्टि ही सबसे बड़ा धन हैं |


दोस्तो मुझे उम्मीद है कि आपको यह Moral Stories For Children In Hindi | जीन और धनीराम, की कहानी पसंद आया होगा और अगर आपको यह कहानी पसंद आई है तो मेरा एक छोटा सा रिक्वेस्ट है इस पोस्ट को शेयर करें |

यदि दोस्तों आपके पास Hindi में कोई Suspense Story, Motivational Short Story in Hindi या अन्य Ghost Stories in Hindi है जो आप हमारे साथ शेयर करना चाहते है तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करे, हमारा id है [email protected], हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ Publish करेंगे, Thanks.

इसे भी पढ़े – Best Hindi suspense Thriller Story | किडनैपर कौन

इसे भी पढ़े – Sad Story in Hindi | अधूरी प्रेम कहानी

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here