Motivational Short Story in Hindi | आखिरी पड़ाव

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नमस्कार दोस्तों आज की हमारी इस Post में हम आपके लिए एक Motivational Short Story in Hindi | “आखिरी पड़ाव” लेकर आए है ये एक ऐसी कहानी है जिसे पढ़ने के बाद आपके अंदर आत्मविश्वास आ जायेगा आप अंदर से Confidence feel करेंगे |

दोस्तो साथ ही इस कहानी में एक छोटी सी सीख है परन्तु बहुत ही महत्वपूर्ण है जिसे आप कहानी को पढ़ने के बाद जन जाओगे, यदि इस बात को अपनी जिंदगी में लागू करोगे तो आप निश्चित ही सफलता की पूरी सीढ़ी तक चढ़ जाओगे ।

कुछ लोग ऐसे होते है जो सफलता की सीढ़ी (Step of Success) तो चढ़ना शुरू करते है लेक़िन अंतिम के कुछ Step बांकी रहता है और वही समय वह Over Confidence या घबरा जाते है ।

तो दोस्तो अंतिम Success प्राप्त करने के लिए आपको अंतिम Step को  कैसे पूरा करना है, ये मै आप लोगो को इस कहानी के माध्यम से बताऊंगा, तो दोस्तो इस कहानी को बड़े ही ध्यान से पढ़ियेगा । तो चलिए दोस्तो एक प्रेरणादायक कहानी आखिरी पड़ाव को शुरू करते है ।


Motivational Short Story in Hindi | एक प्रेरणादायक कहानी आखिरी पड़ाव

बहुत समय पहले की बात है एक घनघोर जंगल था और उस घनघोर जंगल मे कई खतरनाक बड़े जानवर रहते थे जैसे शेर, बाघ, चीता, भालू, लोमड़ी आदि और साथ ही हाथी, बंदर, जिराफ आदि जानवर रहते थे ।

उसी जंगल के समीप एक विशालपुर नाम का एक गांव था, अक्सर उस गांव के युवक जंगल से लकड़ियां तोड़कर शहर में बेचने जाया करते थे, जब वे जंगल में लकड़ी तोड़ने जाते तो उन्हें हमेशा जंगली जानवरों का खतरा बना रहता था ।

वहां कभी बाघ तो कभी लकड़बग्घे तो कभी तेंदुए आदि जानवर हमला कर देते  थे लेकिन इन जंगली जानवरों से बचने के लिए उस गांव के युवा पेड़ पर तेजी से चढ़ने उतरने का प्रशिक्षण लिया करते थे और साथ ही जंगली जानवरों से कैसे बचना है इसका भी प्रशिक्षण लेते थे ।

उस गांव में एक बुजुर्ग रहते थे जिन्हें सभी लोग बाबा कहते थे | वह बाबा तेजी से पेड़ पर चढ़ने और उतरने में महारथी थे इसलिए गांव की सभी युवाओं को प्रशिक्षण दिया करते थे और साथ ही जानवरो से कैसे बचना है इसका भी प्रशिक्षण देते थे ।

एक बार वह बाबा कुछ युवाओं को प्रशिक्षण दे रहे थे और उनके प्रशिक्षण का आखिरी दिन था तो बाबा सभी युवाओं से बोले आज तुम्हारे प्रशिक्षण का आखिरी दिन है इसलिए मैं चाहता हूं तुम सब इस पेड़ पर तेजी से चढ़कर और वापस उतर कर दिखाओ ।

बाबा की बात सुनकर सबसे पहले एक युवक तेजी से पेड़ पर चढ़ा और देखते ही देखते पेड़ की सबसे ऊंची शाखा पर पहुंच गया | फिर उसने तेजी से पेड़ से उतरना शुरू किया और जब वह लगभग आधा उतर आया तो बाबा उस युवक से बोले सावधान जरा संभल कर आराम से उतरो कोई जल्दबाजी नहीं है ।

बाबा की यह बात सुनकर वह युवक सावधानीपूर्वक नीचे उतर आया इसी तरह बाकी के युवक भी पेड़ पर चढ़े और उतरे और हर बार आधा उतर आने पर उन्हें बाबा ने सावधान होने को कहा ।

बाबा की यह बात सभी युवकों को बड़ी अजीब लगी अंत में एक युवक ने बाबा से यह बात पूछ ही लिया |

बाबा हमें आपकी एक बात समझ में नहीं आई की पेड़ का सबसे कठिन हिस्सा तो ऊपर वाला था जहां चढ़ना और उतरना दोनों ही बहुत कठिन था तब आपने हमें सावधान होने को नहीं कहा पर जब हम पेड़ का आधे से ज्यादा हिस्सा तक उतर आए तो आपने सावधान होने के निर्देश क्यों दिया ?

तब बाबा ने युवकों से कहा बेटा यह तो हम सभी जानते हैं कि पेड़ का ऊपर का हिस्सा चढ़ने उतरने के लिए सबसे कठिन होता है इसलिए वहां हम सब खुद सतर्क होकर पूरी सावधानी बरतते हैं |

लेकिन जब हम अपने लक्ष्य के समीप पहुंचते हैं तो वह हमें सरल लगने लगता है और हम अति आत्मविश्वास से भर कर गलती कर बैठते हैं इसी कारण मैंने तुम्हें आधा पेड़ उतरने के बाद सावधान किया ताकि तुम लक्ष्य के नजदीक आकर कोई गलती ना कर बैठो  ।

युवको ने बाबा की यह बात सुनकर उनके आगे नतमस्तक हो गए और उन्हें एक छोटी सी लेकिन बहुत बड़ी चीज सीखने को मिली ।


दोस्तों अक्सर लोग अपनी मंजिल के निकट पहुंच कर ही अपना धैर्य खो बैठते हैं और गलती कर बैठते हैं जिस कारण वह अपनी मंजिल पाने से चूक जाते हैं इसलिए मंजिल की आखिरी पड़ाव पर पहुंच गए मनुष्य को सबसे अधिक सतर्क रहना चाहिए ।

तो दोस्तों कैसी लगी आपको आज की Motivational Short Story in Hindi हमें कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर भेजिएगा फिर मिलेंगे दोस्तों अगली कहानी के साथ तब तक के लिए अपना ख्याल रखना और हमेशा मुस्कुराते रहना ।

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