Story For Kids Short | जादुई चिराग

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Hello दोस्तों मेरा नाम मुस्कान है आज मैं आप सभी के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए एक मजेदार कहानी Story For Kids Short । जादुई चिराग, की कहानी लेकर आई हूँ | दोस्तो यह बहुत ही मजेदार और जबरदस्त कहानी है ।

दोस्तों यह स्टोरी आपको एक अलग ही दुनिया मे ले जाएगी | दोस्तों यह एक जादुई चिराग की कहानी है जिसे रगड़ते ही एक जिन आ जाता है और उस जिन से जो चाहे वो मांग सकते हैं ।

तो चलिए दोस्तों इस काल्पनिक Story For Kids Short । जादुई चिराग, कहानी की शुरुआत करते है | दोस्तो यह सिर्फ एक काल्पनिक कहानी है इसका सच्चाई से कोई वास्ता नही है ।


Story For Kids Short । जादुई चिराग

एक समय की बात है चंदनपुर नाम का एक गांव था उसी गांव में सलीम नाम का एक मछुआरा रहता था वह बहुत ही होशियार और चालाक था साथ ही वह बहुत मेहनती भी था लेकिन वह बहुत गरीब भी था ।

एक दिन सलीम नदी पर मछलियां पकड़ने गया | पहली बार जब वह नदी मे जाल फेंक कर मछलियों का इंतजार करने लगा तो  कुछ देर बाद उसने जाल बाहर खींचा तो देखा कि चाल में कंकड़ पत्थर के इलावा और कुछ भी नहीं है ।

यह देखकर सलीम बहुत उदास हो गया और सोचा

सलीम सोचा – कोई बात नहीं एक बार और जाल फेंकता हूं इस बार जरूर कुछ मछलियां फसेंगी ।

ऐसा सोचकर सलीम दूसरी बार जाल नदी में फेंका | फिर कुछ देर बाद उसे जाल कुछ भारी सा महसूस होने लगा है और वह बहुत खुश हो गया, वह खुशी-खुशी जाल अपनी तरफ खींचने लगा ।

जब जाल पूरी तरह पानी से बाहर आ गया तो उसने देखा कि जाल में कुछ पत्थर और पीतल के एक पुराने चिराग के अलावा और कुछ नहीं है यह देखकर वह बहुत दुखी हुआ और बोला

सलीम बोला – अगर खुदा चाहता है कि आज मैं भूखा रहूं तो यही सही, शायद मेरी किस्मत में आज भूखा रहना ही लिखा है ।

तभी अचानक उसकी नजर चाल में फसी पुराने चिराग पर पड़ी | उसने चिराग को अपने हाथों में लिया और उसे देखने लगा और बोला |

सलीम बोला – यह चिराग तो बहुत पुराना लगता है मैंने बचपन मे जादुई चिराग की कहानी सुनी थी की इसे रगड़ने से जिन आता है, चलो एक बार मैं भी रगड़ के देखता हूं ।

ऐसा कह कर उसने जैसे ही चिराग को अपने हाथ से साफ किया और रगड़ा तो चिराग से धुआं निकलने लगा और फिर अचानक एक बहुत बड़ा जिन धुंए से निकल कर सामने आ गया और सलीम से कहने लगा

जिन बोला – तुमने मुझे इस चिराग से आजाद किया है इसलिए आज से मैं तुम्हारा सेवक हूं तुम जो कहोगे मैं वही करूंगा | लेकिन बस मेरी एक शर्त है कि मैं खाली नहीं बैठ सकता और अगर तुमने मुझे खाली बैठाया तो मैं तुम्हें जान से मार दूंगा ।

सलीम बोला – अगर मैंने तुम्हें खाली नहीं बैठने दिया तो

जिन बोला – तो मैं सारी जिंदगी तुम्हारा गुलाम बन कर रहूंगा बस मुझे खाली मत बैठाना और हा मैं अपने वादे का पक्का हूँ ।

यह सुनकर सलीम मन ही मन बहुत खुश हुआ और सोचने लगा

सलीम सोचा – यह जीन तो बहुत काम का लगता है मैं इससे कुछ भी काम करवा सकता हूं और जहां तक इसके खाली बैठने की बात है तो मैं इसे ऐसे – ऐसे काम दूंगा कि यह कभी खाली नहीं बैठेगा ।

जिन बोला – जल्दी से मुझे काम दो

सलीम बोला – मुझे बहुत तेज भूख लगी है इसलिए मेरे लिए लजीज पकवान का इंतजाम करो

सलीम के ऐसा कहते हैं जीन ने अपना हाथ आगे बढ़ाया और अगले ही पल लजीज पकवान की एक बहुत बड़ी थाल उसके सामने हाजिर हो गई | लजीज पकवान देखते ही सलीम के मुंह में पानी आ गया लेकिन तभी जिन गुस्से से बोल

जिन गुस्से से बोला – मुझे फिर से काम दो मैं खाली नही रह सकता, मैने तुम्हे पहले ही बताया था की मैं खाली नही रह सकता हूँ मैं |

सलीम बोला – मेरे रहने के लिए एक बहुत बड़ा महल बनाओ

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जिन ने फिर अपना हाथ आगे बढ़ाया और सलीम के पीछे एक बहुत बड़ा महल बन गया ।

जिन फिर गुस्से से बोला – मुझे और काम चाहिए नही तो मैं तुम्हे खत्म कर दूंगा, जल्दी काम दो ।

यह सुनकर सलीम बहुत हैरान परेशान हो गया वह सोचने लगा

सलीम सोचा – अरे ये जीन तो बड़ा खतरनाक है ये तो एक सेकंड भी नही रुकता, अगर ऐसे ही यह बड़े-बड़े काम चुटकियों में करता रहा तो आज नहीं तो कल मैं जरूर इसके हाथों मारा जाऊंगा ।

सलीम सोचा – मुझे कुछ ना कुछ करना पड़ेगा | लेकिन क्या करूँ ? हां मेरे पास एक उपाय आया, अब मैं इसे कुछ ऐसा काम दूंगा जिसमें यह उलझा रहे और जब भी जरूरत पड़े तो तो मैं इसे बुला सकूं ।

जिन बहुत ही गुस्से में बोला – जल्दी से मुझे काम दो नहीं तो मैं तुम्हें मार डालूंगा | मुझे बहुत गुस्सा आ रहा है, जल्दी बताओ |

सलीम ने मुस्कुराते हुए कहा – मुझे एक बाल्टी चाहिए ।

जिन ने अपना हाथ आगे बढ़ाया और सलीम के सामने एक बाल्टी आ गई ।

जिन गुस्से से बोला – लगता है तुम्हारे पास और कोई काम नही है अब मैं सोच रहा हूँ तुम्हे मारकर आजाद हो जाऊं ।

सलीम बोला – शांत हो जाओ जिन इतना गुस्सा न हो मैं तुम्हे काम बता रहा हूँ | तुम ऐसा करो इस बाल्टी से उस नदी का पानी अपनी इस नदी में डालो और जब तक वह नदी खाली ना हो जाए मेरे पास मत आना ।

यह सुनते ही जिन का मुंह लटक गया और वह समझ गया कि अब वह कभी आजाद नहीं हो पाएगा | दूसरी तरफ सलीम बहुत खुश था अब उसके पास रहने के लिए बहुत बड़ा महल था और काम करवाने के लिए एक जादुई जिन ।

उसे जब भी जिन से कुछ काम होता वह उसे बुलाकर अपना काम करवाता और काम होने के बाद उसे वापस बाल्टी से नदी खाली करने के लिए कह देता ।

तो दोस्तों इस Story For Kids Short | जादुई चिराग कहानी से हमे यह सीख मिलती है कि मुसीबत के समय हमेशा अपने विवेक से काम लेना चाहिए और कभी घबराना नही चाहिए ।


तो दोस्तो आप लोगो को यह Story For Kids Short | जादुई चिराग की कहानी कैसी लगी हमें कमेंट करके जरूर बताएं और साथ ही इस कहानी को अपने दोस्तों के साथ भी शेयर कीजिये ताकि वो लोग भी इस कहानी का मजा ले सके ।

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